Fatehpur में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में बार-बार धमाके, प्रशासन की लापरवाही से उजड़ रहे परिवार

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Fatehpur: जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों का जाल फैला हुआ है। पिछले एक साल के भीतर ऐसे कई हादसे सामने आए हैं, जिनमें कई परिवार बर्बाद हो गए, लेकिन प्रशासन और पुलिस के दावे केवल कागज़ों पर ही सीमित रहे।

पिछले एक साल के बड़े धमाके

जमरावा, थाना हुसैनगंज (अगस्त 2025) – अवैध पटाखा फैक्ट्री में तेज धमाका, महिला विमला की मौके पर मौत, पति वीरेंद्र गंभीर रूप से झुलसे।

जहानाबाद क्षेत्र (जून 2025) – मकान में चल रही अवैध पटाखा यूनिट में विस्फोट, दो किशोर गंभीर रूप से झुलसे।

खागा कोतवाली क्षेत्र (मार्च 2025) – पटाखा बनाने के दौरान अचानक आग लगने से बड़ा धमाका, जिसमें तीन लोगों की मौत और कई घायल।

गाजीपुर थाना क्षेत्र (दिसंबर 2024) – अवैध पटाखा गोदाम में आग से बारूद फटा, पूरा घर ध्वस्त, परिवार के चार सदस्य घायल।

बिंदकी कस्बा (अक्टूबर 2024) – घनी आबादी के बीच पटाखा फैक्ट्री में धमाका, एक व्यक्ति की मौत, पांच घायल, आसपास के मकानों में दरारें।

लापरवाही का सिलसिला जारी

इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस सत्यापन की बातें कहीं, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी कई गांवों और कस्बों में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण हो रहा है। गांवों में मकानों के अंदर चल रही छोटी-छोटी फैक्ट्रियां बारूद का जखीरा बन चुकी हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।

लोगों की नाराज़गी

स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे ये अवैध फैक्ट्रियां कैसे चल रही हैं? हर धमाके के बाद जांच बैठती है, लेकिन नतीजा शून्य ही निकलता है।

निष्कर्ष: फतेहपुर में बीते एक साल में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों ने कई घर उजाड़ दिए। अब ज़रूरत है कि प्रशासन केवल औपचारिक कार्रवाई न करके सख्त कदम उठाए, वरना यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और निर्दोष लोग इसकी चपेट में आते रहेंगे।

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