पुणे/बीड। महाराष्ट्र में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। Dnyanradha Multistate Co-operative Credit Society Limited (DMCSL) पर आरोप है कि उसने बीड, जलना और वर्षा जिलों के करीब 10,000 निवेशकों से ₹3,500 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की।
महाराष्ट्र CID की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों से जमा कराई गई रकम का गलत इस्तेमाल किया गया।
अब तक की जांच और कार्रवाई
• इस मामले में अब तक 69 केस दर्ज किए जा चुके हैं।
• 90 आरोपी और 14 बोर्ड सदस्य पुलिस की जांच के घेरे में हैं।
• 230 संपत्तियों (लगभग ₹400 करोड़ मूल्य की) पहचान की गई है।
• इनमें से 80 संपत्तियाँ MPID अधिनियम के तहत अस्थायी रूप से जब्त कर ली गई हैं।
• CID ने 4 चार्जशीट दाखिल की हैं और बाकी 64 मामलों की जांच जारी है।
ED की कार्रवाई
वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस घोटाले की जांच शुरू कर दी है। ED ने ₹333.8 करोड़ मूल्य की DMCSL की संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग के शक में जब्त किया है।
निवेशकों में आक्रोश
इस धोखाधड़ी से प्रभावित हजारों निवेशकों में भारी आक्रोश है। वे अपनी मेहनत की कमाई लौटाने की मांग कर रहे हैं।
👉 यह मामला न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में सहकारी समितियों की पारदर्शिता और नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
महाराष्ट्र में ₹3,500 करोड़ का को-ऑप घोटाला: 10 हजार निवेशक ठगे, CID और ED की बड़ी कार्रवाई




