Fatehpur: जिले में खाद संकट चरम पर है। अधिकांश समितियों में ताले लटके हुए हैं और जहां खाद आती भी है, वहां सीमित मात्रा होने के कारण सैकड़ों किसान खाली हाथ लौट रहे हैं। कई समितियों में 500–600 किसानों की लंबी लाइन के बावजूद केवल 250–300 बोरी खाद ही उपलब्ध होती है, जिससे अधिकांश किसानों को निराशा हाथ लगी।
भिखारीपुर समिति में किसान कल्लू सिंह ने बताया कि वे पिछले 15 दिनों से लगातार 10 किलोमीटर दूर से खाद लेने आते हैं, लेकिन हर बार मायूस होकर लौटना पड़ता है। समय पर खाद न मिलने से फसलें नुकसान का सामना कर रही हैं।
खंभापुर समिति के चपरासी कन्हैया लाल ने कहा कि किसानों के पैसे जमा होने के बाद भी 15 दिनों से खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही। ठेकेदार बार-बार “आजकल” कहकर आपूर्ति टालते हैं। रोज़ाना 50–100 किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
हरिहरगंज बहुद्देशीय ग्रामीण समिति में भी ताला लटका मिला। भैरमपुर निवासी राकेश ने बताया कि समिति के बारे में जानकारी न होने के कारण उन्हें प्राइवेट दुकान से ही खाद खरीदना पड़ा।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। उनका कहना है कि अन्नदाता कहे जाने के बावजूद सबसे अधिक संकट उन्हें ही झेलना पड़ता है।




