Fatehpur: जिले के चर्चित केशपाल सिंह हत्याकांड को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। बांदा के पूर्व सांसद बालकुमार पटेल रविवार को मृतक के परिजनों से मिलने अजरौली पल्लावा गांव जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनका काफिला जिले की सीमा पर ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
फतेहपुर केशपाल सिंह मर्डर केस हाइलाइट्स
• पूर्व सांसद बालकुमार पटेल का काफिला बॉर्डर पर रोका गया
फतेहपुर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया।
• पुलिस और कार्यकर्ताओं में जमकर नोकझोंक
सीओ ब्रजमोहन राय से हाथ पकड़ने पर तनाव बढ़ा।
• अजरौली गांव में 65 वर्षीय केशपाल सिंह की हत्या
छह दिन पहले धारदार हथियार से हुई वारदात।
• हमले में रिटायर्ड सिपाही व किसान घायल
दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
• मुख्य आरोपी श्याम पांडेय गिरफ्तार, जेल भेजा गया
मामले को लेकर ग्रामीणों और सियासत में गुस्सा।
तनावपूर्ण माहौल
मौके पर मौजूद सीओ ब्रजमोहन राय और पूर्व सांसद समर्थकों के बीच बहस हो गई। हालात तब बिगड़ गए जब कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर उन्हें गांव जाने से रोक रही है। इस दौरान सीओ और कार्यकर्ताओं के हाथ पकड़ने की कोशिश से तनाव और बढ़ गया।
पूर्व सांसद की नाराज़गी
बालकुमार पटेल ने आरोप लगाया कि पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने प्रशासनिक दबाव में उनका रास्ता रोका।
छह दिन पहले हुई थी हत्या
गौरतलब है कि धाता थाना क्षेत्र के अजरौली पल्लावा गांव में छह दिन पहले 65 वर्षीय केशपाल सिंह की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हमले में एक रिटायर्ड सिपाही और किसान भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मुख्य आरोपी जेल में
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी श्याम पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, घटना के बाद से ही ग्रामीणों में गुस्सा है और अब इस पर राजनीतिक दलों की सक्रियता ने माहौल और गरमा दिया है।




