गोपाष्टमी पर सौम्या दीदी ने की गौसेवा — भारतीय संस्कृति और करुणा का दिया संदेश

Spread the love

Fatehpur: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि, जिसे गोपाष्टमी के रूप में जाना जाता है, इस पावन अवसर पर ॐ घाट भिटोरा स्थित परमहंस आश्रम में श्रद्धा और भक्ति से भरा विशेष आयोजन हुआ। इस अवसर पर भागवत कथा प्रवाचिका एवं समाजसेविका सौम्या दीदी ने गौमाताओं का पूजन किया और उन्हें केले खिलाकर प्रेमपूर्वक सेवा की।

सौम्या दीदी ने कहा कि “भगवान की केवल आरती न उतारो, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलो। भगवान कृष्ण ने स्वयं अपनी लीलाओं के माध्यम से गौमाता की महिमा का वर्णन किया है। यदि हम सच्चे भक्त हैं, तो गौसेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।”

उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में गौमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि माँ के समान पूजनीय हैं। गाय हमारी संस्कृति, आयुर्वेद और अध्यात्म — तीनों का आधार हैं। गाय का दूध सात्त्विकता का प्रतीक है, गोमूत्र औषधि है, और गोबर भूमि को उर्वर बनाता है।

सौम्या दीदी ने यह भी कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का मार्ग है। जब हम प्रेम और करुणा से गौमाता की सेवा करते हैं, तो हमारे भीतर के अहंकार, क्रोध और लोभ जैसे दोष स्वतः मिट जाते हैं।

ज्ञात हो कि सौम्या दीदी पिछले 6 वर्षों से ‘संस्कार शाला’ के माध्यम से समाज में नैतिकता, संस्कार और आध्यात्मिक शिक्षा का प्रसार कर रही हैं। वे बच्चों और युवाओं में भारतीय मूल्यों को जाग्रत करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

इस अवसर पर संगीता देवी, कल्पना देवी और प्रतीक सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। गोपाष्टमी का यह आयोजन प्रेम, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक बन गया।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *