राजस्थान के उदयपुर जिले में एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए जिंदा जला दिया, क्योंकि वह उसे रंग-रूप और मोटापे को लेकर ताने मारता था। इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया और घरेलू हिंसा पर फिर से बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

आरोपी ने दिया था ‘गोरी होने’ का ताना
मामला तब सामने आया जब आरोपी पति किशनदास ने अपनी पत्नी लक्ष्मी को बार-बार ‘काली और मोटी’ कहकर अपमानित किया। गुस्से और क्रूरता की हद पार करते हुए उसने लक्ष्मी पर अगरबत्ती का तेल डालकर आग लगा दी। गंभीर झुलसने के कारण लक्ष्मी की मौत हो गई।

अदालत का कड़ा फैसला
कई महीनों तक चले मुकदमे के बाद, अदालत ने इस दर्दनाक हत्याकांड पर कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सज़ा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह की क्रूर हत्या समाज के लिए खतरा है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
समाज में संदेश
इस फैसले के बाद उदयपुर ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान में चर्चा है। लोगों का कहना है कि यह फैसला उन तमाम महिलाओं के लिए एक संदेश है, जो घरेलू हिंसा और प्रताड़ना सहती हैं। न्यायपालिका का यह रुख साफ करता है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा करने वालों को सख्त सज़ा मिलेगी।
मुख्य बातें एक नजर में
• राजस्थान के उदयपुर में पति ने पत्नी को जिंदा जलाया।
• आरोपी ने पत्नी को ‘गोरी नहीं होने’ और ‘मोटी’ कहकर ताना मारा।
• लक्ष्मी को आग लगाकर बेरहमी से मार डाला गया।
• अदालत ने आरोपी पति को फांसी की सज़ा सुनाई।
• फैसला महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है।




