New Delhi, 2025। नेपाल में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं और प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद भारत ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि नेपाल की शांति और स्थिरता भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नेपाल में लोकतंत्र और संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए, ताकि नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक समरसता बनी रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों और विदेश मंत्रालय के माध्यम से नेपाल सरकार और सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को संभालें। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा नेपाल के विकास और स्थिरता के लिए खड़ा रहेगा और जरूरत पड़ने पर सहयोग प्रदान करेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद भारत की सकारात्मक भूमिका और संवाद आधारित नीति महत्वपूर्ण साबित होगी। मोदी की इस प्रतिक्रिया का उद्देश्य केवल कूटनीतिक दृष्टि से सीमापार सहयोग देना ही नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय शांति और दोनों देशों के सामाजिक और आर्थिक रिश्तों को बनाए रखने का भी संदेश देती है।
लोक और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि भारत की यह रणनीति नेपाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और हिंसा को रोकने में मदद कर सकती है। प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी ने स्पष्ट किया कि भारत अपने पड़ोसी देश की स्थिरता और विकास को लेकर हमेशा संवेदनशील और सक्रिय रहेगा।
इस कदम से यह भी संकेत मिलता है कि भारत क्षेत्रीय सहयोग और आपसी समझ के जरिए दक्षिण एशिया में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में गंभीर है।









