फतेहपुर। जिले के मीराई गांव की 19 वर्षीय बेटी नीतू सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। नीतू ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह अमीरात में आयोजित एशियाई योगासन चैंपियनशिप 2025 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
गरीबी से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली नीतू सिंह ने बिना किसी प्रोफेशनल ट्रेनिंग के, सिर्फ मोबाइल फोन पर वीडियो देखकर अभ्यास किया और यह मुकाम हासिल किया। पांच बहनों में सबसे छोटी नीतू का सपना है कि वह आगे चलकर भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीते।
परिवार और गांव का सहयोग
नीतू के पिता जितेंद्र सिंह गौतम ने अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए क्राउड फंडिंग के जरिए लोगों से मदद मांगी। गांव के सहयोग से ही नीतू दुबई पहुंच पाई और एशियाई योगासन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत की चमक
फुजैराह के जायद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित यह प्रतियोगिता क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन हमद अल शर्की के संरक्षण में और एशियाई योगासन खेल महासंघ (AYSF) द्वारा UAE के खेल मंत्रालय के सहयोग से आयोजित हुई।
इसमें चीन, श्रीलंका, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, नेपाल और ईरान समेत कई देशों के एथलीटों ने हिस्सा लिया। नीतू सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लयबद्ध जोड़ी योग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया और भारत की तिरंगा पताका अंतरराष्ट्रीय मंच पर लहराई।
गर्व से झुका देश-प्रदेश
नीतू सिंह की इस उपलब्धि ने न केवल देश और प्रदेश, बल्कि फतेहपुर जिले और ग्राम मीराई का नाम भी रोशन कर दिया है। अब नीतू का अगला सपना भारत को ओलंपिक में मेडल दिलाना है।


