New Delhi: भारत ने खेल जगत में अपनी बड़ी दावेदारी पेश करते हुए 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर पर बोली जमा कर दी है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की एक उच्च स्तरीय टीम ने यह बोली लंदन स्थित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स मुख्यालय में सौंपी।
इस बोली में भारत ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया है कि गेम्स को एथलीट-केंद्रित, समावेशी, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख तरीके से आयोजित किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए पहले से ही होस्ट कॉलैबोरेशन एग्रीमेंट और मंत्रीस्तरीय गारंटी को मंजूरी दे दी थी, जिससे इस कदम को मजबूती मिली है।
भारत के लिए ऐतिहासिक मौका
भारत ने अब तक केवल एक बार, 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। उस समय भारत की छवि को खेल आयोजन में कई विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों से नुकसान पहुंचा था। लेकिन इस बार भारत सरकार और IOA का दावा है कि नई तकनीक, पारदर्शिता और खिलाड़ियों की बेहतरी को प्राथमिकता दी जाएगी।
ओलंपिक 2036 की तैयारियों की कड़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बोली केवल कॉमनवेल्थ गेम्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के 2036 ओलंपिक की मेजबानी के बड़े सपने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलती है, तो यह भारत की खेल अवसंरचना, प्रबंधन और वैश्विक स्तर पर क्षमता को साबित करने का मंच बनेगा।
सरकार और खेल मंत्रालय का रुख
खेल मंत्रालय और केंद्र सरकार ने भी इस बोली को पूरी तरह समर्थन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि भारत अब उस स्तर पर है, जहां वह बड़े खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित करने में सक्षम है। साथ ही, इस आयोजन से देश में स्पोर्ट्स टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह
इस खबर के सामने आने के बाद देशभर में खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है। कई खिलाड़ियों का मानना है कि यदि भारत को यह मौका मिलता है, तो यह भारतीय खेलों के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत साबित हो सकता है।
India ने 2030 Commonwealth Games की मेजबानी के लिए बोली लगाई, 2036 ओलंपिक पर भी नज़र




