
बरसात और उसके बाद का मौसम संक्रामक बीमारियों के लिए अनुकूल माना जाता है। इन्हीं बीमारियों में से एक है स्क्रब टायफस (Scrub Typhus), जो इन दिनों कई राज्यों में तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी Orientia tsutsugamushi नामक जीवाणु से होती है और मुख्य रूप से चिगर माइट्स (मिट्टी व झाड़ियों में पाए जाने वाले छोटे कीटों के लार्वा) के काटने से फैलती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है।

कैसे फैलता है स्क्रब टायफस?
यह रोग सीधे इंसान से इंसान में नहीं फैलता। बल्कि संक्रमित माइट्स (Chigger Mites) के काटने से संक्रमण होता है। ये माइट्स ज्यादातर झाड़ियों, घास और खेतों में पाए जाते हैं। ग्रामीण और खेत-खलिहान में काम करने वाले लोगों को इसका ज्यादा खतरा रहता है।

स्क्रब टायफस के लक्षण
• अचानक तेज बुखार आना
• सिरदर्द और शरीर में दर्द
• ठंड लगना और पसीना आना
• लाल चकत्ते (Skin Rash)
• काटे गए स्थान पर काला निशान (Eschar) बनना
उल्टी, थकान और कमजोरी
• गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीफ, फेफड़े, किडनी और दिमाग पर असर
बचाव के उपाय
•झाड़ियों, खेतों और घास वाले इलाकों में काम करते समय पूरी बाँह और पाँव ढकने वाले कपड़े पहनें।
•मच्छर-रोधी क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
• बच्चों को मिट्टी और झाड़ियों में खेलने से बचाएं।
• आस-पास सफाई रखें और झाड़ियों को नियमित रूप से कटवाएं।
• अगर लगातार बुखार, चकत्ते या काले निशान दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इलाज
इस बीमारी का इलाज संभव है। डॉक्टर की सलाह पर डॉक्सीसाइक्लिन (Doxycycline) या एज़िथ्रोमाइसिन (Azithromycin) जैसी एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। जल्दी पहचान और सही इलाज से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है।
👉 स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि लक्षण दिखने पर लापरवाही न करें और तुरंत जांच कराएं, ताकि समय रहते बीमारी पर काबू पाया जा सके।






