
नई दिल्ली, 6 सितंबर 2025 — देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक लाल किले परिसर से एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। यहां चल रहे जैन धार्मिक अनुष्ठान के दौरान एक ऐसा कलश चोरी हो गया, जिसकी कीमत ₹1 करोड़ से ₹1.5 करोड़ बताई जा रही है। यह कलश सोने, हीरे, माणिक और पन्ना जैसे कीमती रत्नों से जड़ा हुआ था।
कैसे हुई चोरी?
यह घटना लाल किले के 15 अगस्त पार्क में हुई, जहां 9 सितंबर तक चलने वाला जैन धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार —
• कलश को हर रोज पूजा-अर्चना के लिए मंच पर सजाया जाता था।
• शनिवार को पूजा के दौरान अचानक कलश गायब हो गया।
• सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि एक शख्स जैन पुजारी के वेश में मंच पर पहुंचा और कलश को चुपचाप उठाकर झोले में रखकर बाहर निकल गया।
• कुछ ही मिनटों में वह भीड़ में गुम हो गया और किसी को भनक तक नहीं लगी।

कलश का महत्व और कीमत
• चोरी हुआ कलश दो हिस्सों का था — एक बड़ा “जहरी” जिसमें करीब 760 ग्राम सोना और एक छोटा जिसमें 115 ग्राम सोना और कीमती रत्न लगे हुए थे।
• कुल मिलाकर इस धार्मिक सामग्री की कीमत ₹1 करोड़ से ₹1.5 करोड़ आंकी जा रही है।
• यह कलश धार्मिक रूप से बेहद पवित्र माना जाता है और इसका इस्तेमाल रोजाना पूजा और विशेष अनुष्ठानों में होता था।
पुलिस और जांच
घटना के तुरंत बाद आयोजकों ने पुलिस को सूचना दी।
• दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।
• सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध की पहचान कर ली गई है।
• पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
• इस घटना के बाद लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सुरक्षा पर सवाल
लाल किला देश के सबसे सुरक्षित स्मारकों में गिना जाता है। यहां पर CISF और दिल्ली पुलिस की तैनाती रहती है। इसके बावजूद इतने कीमती धार्मिक सामान की चोरी होना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल है।
• विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना के बाद बड़े आयोजनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा अनिवार्य हो गई है।
• आयोजन स्थल पर हर आने-जाने वाले व्यक्ति की कड़ी चेकिंग और निगरानी जरूरी बताई जा रही है।








