Fatehpur: फतेहपुर में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर युवा विकास समिति ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को ज्ञापन भेजा है। समिति ने बंद पड़ी कताई मिल की यूपीसीडा को हस्तांतरित भूमि के एक हिस्से को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विस्तार तथा भविष्य की चिकित्सा सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है।
समिति के अनुसार, शासनादेश संख्या 1/904635/2025(1790216), दिनांक 11 मार्च 2025 के तहत प्रदेश की बंद पड़ी कताई मिलों की भूमि को औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के उद्देश्य से यूपीसीडा को हस्तांतरित किया गया है। इसमें फतेहपुर की करीब 55.31 एकड़ भूमि भी शामिल बताई गई है।
युवा विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि फतेहपुर कताई मिल की भूमि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आसपास स्थित है। ऐसे में इस भूमि के औद्योगिक उपयोग से पहले मेडिकल कॉलेज के भविष्य के विस्तार, मरीजों की सुरक्षा, पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं का समग्र अध्ययन कराया जाना जरूरी है।
समिति ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ICU, आपातकालीन और अन्य संवेदनशील चिकित्सा सुविधाएं संचालित होती हैं। इसलिए अस्पताल के आसपास प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले संभावित प्रदूषण, यातायात और पर्यावरणीय प्रभावों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाना चाहिए।
भविष्य की चिकित्सा जरूरतों का हवाला
ज्ञापन में मेडिकल कॉलेज की दीर्घकालीन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता का आकलन कराने की मांग की गई है। समिति का कहना है कि भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं, अस्पताल विस्तार, छात्रावास, नर्सिंग सुविधाएं, पार्किंग, ऑक्सीजन प्लांट और आपातकालीन सेवाओं जैसी चिकित्सा सुविधाओं के लिए अतिरिक्त भूमि की जरूरत पड़ सकती है।
समिति ने स्पष्ट किया कि उसकी मांग औद्योगिक विकास के विरोध में नहीं है, बल्कि फतेहपुर में औद्योगिक विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
युवा विकास समिति ने मुख्य सचिव से प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच एवं समीक्षा कराकर मेडिकल कॉलेज से लगी यूपीसीडा की उपयुक्त भूमि को जनहित में मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है।
ज्ञापन देने के दौरान जिला अध्यक्ष कंचन, संजय दत्त, आफताब और लीगल एडवाइजर विकास श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: दीपा पांडे




